जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रकृति और जल का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जल ही जीवन का आधार है, इसलिए वर्षा जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण समय की आवश्यकता है। डॉ यादव ने मियावाकी पद्धति को पर्यावरण संरक्षण की एक प्रभावी एवं वैज्ञानिक तकनीक बताते हुये कहा कि इसके माध्यम से कम समय में घने और आत्मनिर्भर वन विकसित किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ यादव आज अपने जबलपुर के प्रवास के दौरान डुमना नेचर पार्क में नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कैच द रेन अभियान के तहत वर्षा जल संचयन प्रणाली और शहर में 11 लाख पौधे लगाने के कार्य का शुभारंभ कर रहे थे। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, सांसद आशीष दुबे, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील कुमार तिवारी इंदु, डॉ अभिलाष पांडे, श्री नीरज सिंह एवं संतोष वरकड़े, मध्यप्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष विनोद गोटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा गोंटिया, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप रजक, भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर एवं भाजपा के जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) राजकुमार पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।



