CBI) ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि Twisha Sharma के पति Samarth Singh और सास Giribala Singh द्वारा लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण मॉडल-एक्ट्रेस ने आत्महत्या कर ली, क्योंकि उनके पास “अपनी जान देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।” चार्जशीट में जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों में काउंसलिंग रिकॉर्ड, Whatsapp Massage और गवाहों के बयान शामिल हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। Samarth से शादी के 5 महीने बाद Twisha 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पायी गयी थीं।
अधिकारियों ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि पति Samarth Singh और उसकी सास Garibala Singh , दोनों ने पत्नी Twisha Sharma पर मानसिक अत्याचार किया, जिससे उसके पास अपनी जान देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। Twisha के भाई Ashish Sharma ने संवाददाताओं से कहा कि CBI ने Twisha के साथ की गई प्रताड़ना के अलावा इस बात की भी तथ्यात्मक जानकारी दी है कि पीड़िता के साथ किसने क्या किया। इसमें Twisha Sharma को दी गई मानसिक प्रताड़ना का भी उल्लेख है।
भाई Ashish Sharma ने कहा कि इन सभी बातों से यह स्पष्ट हो गया कि बहन Twisha के सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। Twisha के परिवार ने पति Samarth और सास Garibala पर मानसिक शोषण, शारीरिक हिंसा और दहेज से संबंधित प्रताड़ना का आरोप लगाया था। Twisha के परिवार के वकील Ankur Panday के अनुसार, CBI ने आरोप पत्र के साथ पर्याप्त सबूत पेश किए हैं। Twisha के परिवार के एक अन्य वकील Anurag Shrivasatav ने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर सबूतों से छेड़छाड़ समेत और भी आरोप जोड़े जा सकते हैं और आरोपियों की संख्या भी बढ़ सकती है।त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा ने पीटीआई-को बताया कि चालान (आरोपपत्र) में लगाए गए आरोप लगभग वही हैं जो प्राथमिकी में लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एफएसएल (फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) की कुछ रिपोर्टों के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। त्विषा ने पिछले साल दिसंबर में समर्थ से शादी की थी और 12 मई को वह अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि समर्थ उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल ले गए थे। उन्होंने दावा किया था कि त्विषा ने रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर घर में फांसी लगा ली थी।
प्राथमिकी के अनुसार, एम्स के डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही त्विषा की मौत हो चुकी थी। इसके बाद चिकित्सकीय-कानूनी मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक पुलिस जांच के बाद मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले में महत्वपूर्ण संदेह दूर करने और एम्स, भोपाल द्वारा किए गए पहले पोस्टमार्टम में कथित खामियों से जुड़े परिवार के आरोपों की जांच के लिए दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश दिया था



