राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और पसरकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष के हंगामे के बीच ही सरकार ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026, और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए। संसद के मानसून सत्र के चौथे सप्ताह की शुरुआत भी पिछले तीन सप्ताह की तरह ही हंगामेदार रही। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए। हालांकि, उक्त दोनों विधेयक केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नाम से सूचीबद्ध थे। इस दौरान विपक्ष के सदस्य ‘गृह मंत्री कहां हैं’ कहते सुने गए। पीठासीन सभापति संध्या राय ने विधेयकों को पेश किए जाने का विरोध करने के लिए कुछ विपक्षी सदस्यों के नाम पुकारे, लेकिन विपक्ष की तरफ नारेबाजी जारी रही। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।




